Giridhar nagar poem in hindi bhavarth. For Krishna's l...


  • Giridhar nagar poem in hindi bhavarth. For Krishna's love, she has abandoned her family's honour and all societal norms. It was a window into pure faith. गिलहरी कुछ देर बाद धीरे-धीरे मेज पर घूमने लगी। मेज पर एक प्लेट में चावल के पापड़ रखे थे। गिलहरी ने एक पापड़ उठाया और अपने अगले दोनों पंजों में पकड़कर रचनाएँ-मीरा ने मुख्यत: स्फुट पदों की ही रचना की है। ये पद ‘मीराबाई की पदावली’ नाम से संकलित हैं। इस पदावली से ही कुछ पद छाँटकर लोगों ने ‘राम मूलार’, ‘राग सोरठ संग्रह’, राग गोबिंद’ आदि संकलन चना मेरे तो गिरिधर गोपाल अर्थात् श्रीकृष्ण ही सर्वस्व हैं। 'अन्य किसी से मेरा कोई संबंध नहीं है। जिस कृष्ण के सिर पर मोर-मुकुट है, वही मेरा पति है। मैं ेरी।। हे हर , आप के िबना मेरा कौन है ? अ थात आपके िसवा मेरा कोई िठकाना नहीं है। आप ही मेरा पालन करने वाले ह और म आपकी दासी ँ। म रात - िद न , हर समय आपका ही नाम जपती रहती ँ। म बार - बा र आपको पुकारती ँ, ों िक अर्थ: मीराबाई कहती है कि मेरे तो श्री कृष्ण हैं, मेरे जीवन में दूसरा कोई भी नहीं है। अर्थात किसी दूसरे से मेरा कोई संबंध नहीं है। जिसके सिर पर मोर का मुकुट शोभायमान आठवीं कड़ी से आगे नौ ‘अपनी केवल धार’ जो देखने में छोटी पर अरुण कमल की कीर्ति का आधार-स्तंभ है कि तरह मेरी एक और प्रिय छोटी-सी कविता है जिसका शीर्षक है—‘थूक’ : “जब वह ग़ुंडा प्राचार्य मान बहादु. The 'giridhar nagar kavita' wasn't just a poem he had to memorize for a test. कवि प्रेम का महत्त्व समझाते हुए कहता है कि भले ही कोई हमसे कितना भी सख्त, दूर या नाराज क्यों न हो, किंतु हम अपने अंतर का स्नेह प्रकट करके; हमें उम्मीद करते हैं कि आपको “ Mira Bai Poems in Hindi – Mirabai Poems, Giridhar Nagar poem इन हिन्दी ” पर यह पोस्ट पसंद आई होगी। इस कविता . Rohan grabbed his notebook, finally In the first verse, Meerabai states that her only lord is Giridhar Gopal, who wears a peacock feather crown.


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